विज्ञान - ज्योतिष - आध्यात्म

विज्ञान - ज्योतिष - आध्यात्म विज्ञान जीवन को गति देता है, ज्योतिष जीवन को स्पष्ट दिशा देती है और आध्यात्म से विवेक (बुद्धि का सही इस्तेमाल) मिलता है और इंसानी जीवन भी इन्हीं तीनों में समाहित है अर्थात इंसान इससे बाहर कुछ भी नहीं, यह पढ़ने में जितना सरल है समझने में उतना ही मुश्किल है लेकिन यदि समय रहते इसको समझ लिया जाय तो जीवन में बहुत कुछ सुखद बदलाव हो सकता है...! ------------------------------------------- विज्ञान से सभी परिचित हैं और इसी के सहारे जीवन में कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा या सबसे ज्यादा प्राप्त करने की दौड़ में शामिल हैं या लगे हैं, कुछ लोग जिनकी जीवन में स्पष्ट दिशा होती है वह अपने प्रयास में कामयाब हो जाते हैं और जिनकी स्पष्ट दिशा नहीं होती है वह अपने प्रयास में नाकामयाब हो जाते हैं और यहीं से "भाग्य" नामक शब्द का उदय होता है अर्थात जो कामयाब हो गए वे भाग्यशाली कहलाये और जो नाकामयाब हो गए वे दुर्भाग्यशाली कहलाये जबकि दोनों ने ही विज्ञान का इस्तेमान किया था कामयाबी के लिए, अर्थात बिना स्पष्ट दिशा के विज्ञान भी कारगर नहीं होता है अर्थात स्पष्ट दिशा जानकर ही विज्ञान का प्रयोग अधिक फलदायी हो सकता है...! -------------------------------------------- ज्योतिष से जीवन में और जीवन को स्पष्ट दिशा मिलती है, इस बात को किसी के मानने या ना मानने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, जीवन में मुख्य रूप से तीन पड़ाव ऐसे हैं जहां स्पष्ट दिशा आवश्यक हो जाती है जैसे पहला शिक्षा के लिए, दूसरा कार्यक्षेत्र (व्यवसाय या नौकरी) के लिए और तीसरा शादी के लिए, इसके अतिरिक्त असाध्य या गंभीर कष्ट या समस्या के समय स्पष्ट दिशा आवश्यक हो जाती है...! लेकिन बहुत कुछ खो-कर ही कुछ पाने की या कुछ भी ना पाने की अपनी प्रवृत्ति के कारण इंसान उचित समय पर स्पष्ट दिशा की प्राप्ति को महत्त्व नहीं देता है और परिणाम स्वरुप जीवन में इतना कुछ खो देता है जिसको पाना या जिसकी क्षतिपूर्ति इस जीवन में असंभव हो जाती है...! आवश्यकता है समय रहते किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से इस सम्बन्ध में परामर्श प्राप्ति की...! -------------------------------------------- आध्यात्म से विवेक को बल मिलता है अर्थात बुद्धि का सही इस्तेमाल आध्यात्म से ही संभव है अर्थात सरल भाषा में कहा जाय तो आध्यात्म से व्यक्ति के अंदर सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है, इसके लिए एकाग्रता की आवश्यकता होती है या आवश्यकतानुसार किसी अनुभवी आध्यात्मिक व्यक्ति से परामर्श प्राप्त किया जा सकता है...! ------------------------------------------- उपरोक्त तीनों विषयों अर्थात विज्ञान, ज्योतिष एवं आध्यात्म, पर एक ईमानदार सोच एवं प्रयास और उसको चरितार्थ करने की भावना यदि समय रहते संभव हो जाय तो निश्चित रूप से जीवन अधिक सुखद हो सकता है...! इस सम्बन्ध में और अधिक स्पष्टता के लिए आप किसी सुयोग्य व्यक्ति या मुझसे भी संपर्क कर सकते हैं...! 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें ...! सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त ---------------------------------- केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं --------------------------------------- www.astroshakti.in [email protected] www.facebook.com/astroshakti

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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