ज्योतिष में 40% और 60%

ज्योतिष में 40% और 60% भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति के जीवन में अधिकतम सुख 40% और न्यूनतम कष्ट 60% ही निर्धारित है अर्थात जीवन में सुख काल (समय) 40% से कम ही रहेगा और कष्ट काल 60% से अधिक ही रहेगा...! ----------------------------------------------- ज्योतिष के अनुसार कोई भी ग्रह जन्म कुंडली में समय समय पर सभी बारह भावों और राशियों में अपने गोचर के माध्यम से ही फल देता है, इस प्रकार एक ग्रह सभी बारह भावों में अपने गोचर के अनुसार कुछ निश्चित भावों में ही शुभ फल देने के लिए प्रतिबद्ध होता है, जैसे :- सूर्य सभी 12 भावों में से केवल 4 भावों में, चन्द्रमा सभी 12 भावों में से केवल 6 भावों में, मंगल सभी 12 भावों में से केवल 3 भावों में, बुध सभी 12 भावों में से केवल 6 भावों में, बृहस्पति सभी 12 भावों में से केवल 5 भावों में, शुक्र सभी 12 भावों में से केवल 7 भावों में (कुछ लोग 9 भावों में मानते हैं), शनि सभी 12 भावों में से केवल 3 भावों में, राहु सभी 12 भावों में से केवल 4 भावों में और केतु सभी 12 भावों में से केवल 4 भावों में अर्थात सभी नौ ग्रह कुल (9ग्रह X 12 भाव = 108 भाव) 108 भावों में से केवल 42 भावों में (कुछ लोग 44 भावों में को मानते हैं) ही शुभ फल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं अर्थात 38.89% या 40.74% और जो शेष बचा वो कष्ट काल ही होगा...! ---------------------------------------- उपरोक्त के अनुसार मंगल और शनि अपने गोचर काल में सबसे कम शुभ फल देते हैं जबकि शुक्र सबसे अधिक शुभ फल देता है ---------------------------------------- लेकिन कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में इतना शुभ फल पा नहीं सकता क्योंकि इनमें भी बहुत सारे किन्तु और परन्तु लगे रहते हैं, आप चाहें तो स्वयं, अपने लिए पहले सुख काल और कष्ट काल की परिभाषा निर्धारित करके इसकी जांच कर सकते हैं कि आपके जीवन में अभी तक कितना प्रतिशत सुख काल रहा है और कितना प्रतिशत कष्ट काल रहा है और इस प्रकार आप अपने भविष्य का निर्धारण या आकलन भी कर पायेंगें...! ----------------------------------------------------------- यदि आपने उपरोक्त के अनुसार परिणाम प्राप्त कर लिया तो एक ही झटके में आपके बहुत सारे भ्रम दूर हो सकते हैं या हो जायेंगें...! इस सम्बन्ध में और अधिक स्पष्टता के लिए आप किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं या स्वयं सामान्य ज्योतिष भी सीख कर जान सकते हैं...! ----------------------------------------------------------- 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें ...! सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त --------------------------------------------------------- केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं ------------------------------------ www.AstroShakti.in [email protected] www.facebook.com/AstroShakti

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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