लग्न में राहु

लग्न में राहु राहु एक पाप ग्रह है, क्रूर ग्रह नहीं है क्योंकि एक तरफ यह जीवन में भोग-विलास, धन प्राप्ति, पद-प्रतिष्ठा, इच्छानुकूल परिणाम प्राप्ति में सहायक रहता है तो दूसरी तरफ व्यक्तिगत सम्बन्ध, विवाहित जीवन, पारिवारिक जीवन, मानसिक शांति के लिए यह एक हानिकारक अर्थात घातक ग्रह के रूप में कार्य करता है और विशेष बात यह है कि राहु के प्रभाव से कोई भी बच नहीं सकता है अर्थात इसकी महादशा, अन्तर्दशा, गोचर में इसका स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है...! ऐसे में यदि जन्म कुंडली या लग्न कुंडली में लग्न में ही राहु बैठा हो तो क्या क्या संभावनाएं बन सकती हैं यह जानने और समझने का प्रयास करते हैं :- ------------------------ (1) मेष लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति के अंदर पद-प्रतिष्ठा प्राप्ति एवं वैभवशाली जीवन की प्रबल इच्छा रहती है, जीवन में स्थिरता का आभाव रहता है, आत्मविश्वास में अधिकता रहती है, जीवन में आत्मसंतुष्टि का अभाव रहता है (2) वृषभ लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति को जीवन में सम्मान अवश्य मिलता है क्योंकि वह एक कुशल कूटनीतिज्ञ या चालाक मानसिकता वाला व्यक्ति होता है (3) मिथुन लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति जीवन में तरक्की जरूर पाता है क्योंकि वह व्यवहारिक एवं समझौतावादी दृष्टिकोण रखता है और कोई भी निर्णय जल्दीबाजी में नहीं लेता है (4) कर्क लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति अड़ियल स्वाभाव का होता है जिसके फलस्वरूप उसका जीवन अधिक संघर्ष वाला होता है क्योंकि वह अनेकों प्रकार के कार्य करता रहता है इसलिए जीवन में मानसिक स्थिरता का अभाव भी रहता है (5) सिंह लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति कुछ ज्यादा ही जिद्दी स्वभाव का होता है शायद इसी कारण इसके विवाहित जीवन के सुखों में कमी रहती है और साझेदार के साथ भी सम्बन्ध ठीक नहीं रह पाते हैं (6) कन्या लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति के अंदर पूरा आत्मविश्वास रहता है इसलिए इसके विरोधी भी ज्यादा होते हैं और विवाहित जीवन के सुख भी प्रभावित होते हैं शायद इसीलिए यह अनावश्यक भ्रमण भी करता है (7) तुला लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति अपनी इच्छानुसार ही जीवन व्यतीत करता है शायद इसीलिए इसका जीवन अस्त-व्यस्त रहता है अर्थात बाधा युक्त और समस्या ग्रस्त जीवन (8) वृश्चिक लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति केवल अपने बारे में ही सोचता रहता है (स्वार्थी प्रवृत्ति) शायद इसीलिए यह पूरे जीवन में असंतुष्ट ही रहता है (9) धनु लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति के अंदर घमंड या अहम् की अधिकता रहती जिसके कारण इसको पूरे जीवन में असंतुष्टि या असंतोष का सामना करना पड़ता है और इससे सम्बंधित लोगों का भी यही हाल रहता है (10) मकर लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति चालाक स्वाभाव का होता है और अपनी तरक्की के लिए नए नए हथकंडे अपनाता है शायद इसीलिए इसको अच्छे संबंधों की प्राप्ति में न्यूनता ही रहती है या मिलती है (11) कुम्भ लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति दूसरों से ईर्ष्या रखता है लेकिन पुरुषार्थ में कोई भी कमी नहीं छोड़ता इसीलिए यह जीवन में कामयाब रहता है (12) मीन लग्न में यदि राहु लग्न में ही बैठा हो तो व्यक्ति के जीवन में बाधाओं एवं समस्याओं की अधिकता ही रहती है अर्थात अत्यधिक संघर्षपूर्ण जीवन होता है ------------------------ # यह जन्मकालीन कुंडली में लग्न में बैठे राहु का एक सामान्य विश्लेषण है या संभावनाएं हैं अतः इसको अंतिम फलादेश ना समझें क्योंकि राहु का अन्य ग्रहों के साथ सम्बन्ध और उसका गोचर भी बहुत माने रखता है # मैं आपको यहाँ यह भी बताना चाहता हूँ कि आपको अपने राहु से डरने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है बल्कि जरुरत है उसको अच्छे से जानने एवं समझने की ------------------------ अंततः सभी जातकों से मेरा अनुरोध है कि आप समय रहते किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से अपने राहु के बारे में अवश्य परामर्श प्राप्त करें, चाहे राहु आपकी कुंडली में शुभ हो या अशुभ और अपने कर्म, वास्तु एवं मुहूर्त के माध्यम से अपने जीवन में प्रतिकूलता में कमी और अनुकूलता में बृद्धि की संभावनाओं को बढ़ाएं...! ------------------------ आज समाज में आत्मविश्वास बढ़े और अन्धविश्वास भागे इसी के सन्दर्भ में मैनें यह लेख अपने प्राप्त ज्योतिष ज्ञान, ज्योतिष शिक्षा, ज्योतिषीय अनुभव, सामाजिक अनुभव, एवं व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखा है...! 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें ...! सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त ------------------------------------ केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं www.AstroShakti.in [email protected] www.facebook.com/AstroShakti

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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