नौ ग्रह और नौ सुझाव

नौ ग्रह और नौ सुझाव इंसान की फितरत या चाहत या स्वाभाव ही कुछ ऐसी है की वह अपनी समस्याओं से सम्बंधित प्रश्न या सवाल बाद में करता है पहले वह कोई बढ़िया सा शक्तिशाली उपाय के लिए निवेदन कर देता है ताकि फटाफट उसकी इच्छानुसार परिणाम मिल जाय अर्थात कोई चमत्कार हो जाय और उसका काम बन जाय, यहां विशेष बात यह है कि वह इससे कोई मतलब नहीं रखता कि उसकी इच्छानुसार परिणाम प्राप्ति की कितनी सम्भावना है या कोई सम्भावना है भी या नहीं ------------------------ ऐसे सभी लोगों को और सभी सामान्य लोगों को मैं भारतीय ज्योतिष में प्रचलित सभी नौ ग्रहों से सम्बंधित नौ सुझाव देना चाहता हूँ जो निम्नलिखित हैं :- ------------------------ 1 . सूर्य से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए आप नमक का कम से कम सेवन करें विशेषकर सफ़ेद नमक का प्रयोग बिलकुल ना करें 2 . चन्द्रमा से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए चांदी या तांबे के गिलास में पानी पीयें 3 . मंगल से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए सकारात्मकता के साथ अपने पौरुष पर विश्वास रखें 4 . बुध से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए हरी सब्जियों एवं फलों का अधिक से अधिक प्रयोग करें 5 . बृहस्पति से अतिरिक्त लाभ के लिए अपने से बड़ों का सम्मान करें जो उसके योग्य हों 6 . शुक्र से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए व्यक्तिगत साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें 7 . शनि से अतिरिक्त लाभ प्राप्ति के लिए अपने क्रिया कलापों पर नियमित चिंतन और मंथन करें 8 . राहु से अतिरिक्त लाभ के लिए घर को सीलन और मकड़ी के जालों से मुक्त रखें 9 . केतु से अतिरिक्त लाभ के लिए घर को चींटियों और दीमक से मुक्त रखें ------------------------ # यह बिलकुल ही साधारण से सुझाव हैं जिनमें कोई अतिरिक्त पैसा भी खर्च नहीं होगा और मैंने व्यक्तिगत रूप से इन्हें आजमाया है और बहुत सारे लोग इसको चरितार्थ करके लाभान्वित भी हों रहे हैं आप भी चाहें तो इनको आजमा सकते हैं # एक बार पुनः मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि यह केवल मेरा व्यक्तिगत रूप से आपको सुझाव है कोई प्रचलित ज्योतिषीय उपाय या चमत्कार का दावा नहीं है ------------------------ इसके अतिरिक्त यदि आप आवश्यक समझें तो अपनी कुंडली को समय रहते किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से दिखाकर परामर्श प्राप्त करें क्योंकि इस सम्बन्ध में और अधिक स्पष्टता एवं परिणाम प्राप्ति के लिए पूरी कुंडली के सभी नौ ग्रहों की स्थिति, दशा एवं अन्तर्दशा, वर्तमान ग्रह गोचर और जन्मकालीन योगों को भी देखना आवश्यक होता है ------------------------ आज समाज में आत्मविश्वास बढ़े और अन्धविश्वास भागे इसी के सन्दर्भ में मैनें यह लेख अपने अभी तक के प्राप्त ज्योतिषीय ज्ञान, ज्योतिषीय शिक्षा, ज्योतिषीय अनुभव, सामाजिक अनुभव, एवं व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखा है 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त ------------------------------------ केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं ------------------------------------------ www.AstroShakti.in [email protected]mail.com www.facebook.com/AstroShakti

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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