लग्न में लग्नेश (कन्या में बुध)

लग्न में लग्नेश (कन्या में बुध) ज्योतिष में ऐसी मान्यता है कि लग्नेश सदैव शुभ फल ही देता है और यदि वह लग्न में ही बैठा हो तो क्या कहना अर्थात सोने पे सुहागा वाली कहावत चरितार्थ हो जाती है, लेकिन क्या ऐसा ही होता है या कितने प्रतिशत ऐसा हो पाता है...! जन्म कुंडली में कन्या लग्न में लग्नेश बुध यदि लग्न में ही बैठा हो तो क्या क्या हो सकता है या क्या क्या संभावनाएं हो सकती हैं यह जानने का प्रयास करते हैं :- (इसको बिलकुल भी अंतिम फलादेश ना समझें या ना जानें) ------------------------ 1. जन्म कुंडली में कन्या लग्न में लग्नेश के रूप में बैठा बुध सामान्यतः अच्छे एवं सुखद परिणाम ही देता है और यहाँ तो यह अपनी उच्च की राशि में ही बैठा है इसलिए स्वाभाविक ही है की अच्छा ही देगा और विशेषकर यह बुध अपनी महादशा, अन्तर्दशाओं और गोचर में भी सुखद परिणाम ही देगा 2. सदैव स्मरण रहे कि दशम भाव या कर्म स्थान का एक कारक बुध भी होता है और जब कर्मेश ही लग्न में बैठा हो तो सुखद प्राप्ति की संभावनाओं का बढ़ना स्वाभाविक ही है 3. कन्या लग्न में बैठा बुध उच्च का होते हुए भी शेष सभी आठों ग्रहों में से किसी एक से या एक से अधिक ग्रहों के प्रभाव में भी हो सकता है 4 . कन्या लग्न में बैठा बुध दिग्बली ग्रह के रूप में जाना जाता है 5 . बुध सामान्यतः शुक्र और सूर्य के साथ ही रहता है एवं सूर्य से अस्त भी रहता है इसलिए इसके परिणाम सदैव किसी ना किसी से प्रभावित ही रहते हैं 6 . जन्म कुंडली में कन्या लग्न में बुध यदि अकेला हो तो व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा होता है जिसके परिणाम स्वरुप उसका जीवन वैभवशाली एवं प्रभावशाली होता है, 7 . आत्मसम्मान की भूख और कुछ कर गुजरने का जज्बा सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों में होता है 8 . ऐसा व्यक्ति सामान्यतः मुखिया की भूमिका में ही रहता है 9 . मेरा सोच और मेरा निर्णय ही सही है, ऐसी मानसिकता से ये लोग भरे होते हैं शायद इसिलए अपना निर्णय भी अपने हिसाब से बदलते रहते हैं जिसका खामियाजा भी समय समय पर भुगतना पड़ता है इनको 10 . हमेशा अपने को सही ठहराने की प्रवृत्ति अर्थात जिद्दी प्रवृत्ति के कारण बहुत से अच्छे लोग भी जो इनके लिए लाभकारी हो सकते हैं वो भी इनसे दूर हो जाते हैं अर्थात हर बात में तर्क करने की प्रवृत्ति से ग्रसित भी हो सकते हैं ऐसे लोग 11 . जिद्दी प्रवृत्ति की अधिकता के कारण यहाँ तक की इनका विवाहित जीवन भी प्रभावित हो सकता है अर्थात विवाहित जीवन के सुखों में न्यूनता रह सकती है 12 . ऐसा व्यक्ति चर्म रोग से भी पीड़ित हो सकता है 13 . ऐसा व्यक्ति स्वयं पर और वाणी पर संयम रखे तो निःसंदेह जीवन में काफी ऊंचाई तक जा सकता है ------------------------ 1. ज्योतिष के बालादि अवस्था के अनुसार कन्या राशि (जो एक सम राशि है) में बुध 0 से 6 अंशों तक मृत अवस्था में, 6 से 12 अंशों तक वृद्ध अवस्था में और 24 से 30 अंशों तक बाल अवस्था में रहता है और इन अवस्थाओं में वह स्वाभाविक रूप से कोई भी लाभकारी परिणाम देने में अक्षम ही होगा 2. जबकि 12 से 18 अंशों तक युवा अवस्था और 18 से 24 अंशों तक किशोर अवस्था में रहने के कारण बुध अच्छे परिणाम देने में सक्षम होता है, यहाँ यह याद रहे कि कन्या राशि में बुध 15 अंशों पर यह उच्च का होता है 3. लेकिन ज्योतिष के एक अन्य नियम के अनुसार अपनी उच्च राशि में स्थित ग्रह 100 % शुभ फल देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है इसलिए यहाँ यह विरोधाभास का विषय भी है 4. ऐसे बुध को सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु का प्रत्यक्ष प्रभाव इसके परिणामो को प्रभावित कर सकते हैं या करते हैं ------------------------ # एक बार मैं पुनः यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि उपरोक्त वर्णित परिणामों को अंतिम फलादेश ना जानें या ना समझें अर्थात यह केवल कुछ संभावनाएं मात्र हैं, स्पष्ट फलादेश के लिए अपनी कुंडली को किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से दिखाकर परामर्श प्राप्त करें क्योंकि उच्च के बुध के साथ और शेष सभी ग्रहों के कैसे सम्बन्ध हैं या समीकरण है यह देखना भी जरुरी होता है कुंडली में क्योंकि नवमांश कुंडली में अधिकांशतः ग्रहों की स्थितियां बिलकुल बदल जाती हैं ------------------------ 1. उपरोक्त विवरण से यह स्पष्ट होता है कि कन्या लग्न में लग्नेश के रूप में बैठा उच्च का बुध भी जो प्रत्यक्ष रूप से शक्तिशाली एवं अत्यधिक शुभ दिखता है वह भी सुखद परिणाम देने में ज्यादातर या कभी कभी पीछे क्यों रह जाता है 2. इसलिए लग्न में यदि लग्नेश भी बैठा हो तो भी ज्यादा खुश होने की भी जरुरत नहीं है और ना ही बिलकुल भी घबराने की जरुरत है बल्कि आवश्यकता है समय रहते किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से अपने लग्नेश अर्थात बुध के बारे में अधिक से अधिक जानने और उसको समझने की चाहे वह कुंडली में किसी भी स्थिति में क्यों ना हो ------------------------ आज समाज में आत्मविश्वास बढ़े और अन्धविश्वास भागे इसी के सन्दर्भ में मैनें यह लेख अपने अभी तक के प्राप्त ज्योतिषीय ज्ञान, ज्योतिषीय शिक्षा, ज्योतिषीय अनुभव, सामाजिक अनुभव, एवं व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखा है 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त ------------------------------ केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं ----------------------------------- www.AstroShakti.in [email protected] www.facebook.com/AstroShakti

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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