ज्योतिष - समस्या या समाधान

ज्योतिष - समस्या या समाधान ज्योतिष किसी के लिए समस्या है तो किसी के लिए समाधान, बल्कि अक्सर ऐसा होता है कि एक ही व्यक्ति को ज्योतिष कभी समस्या लगती है तो कभी समाधान, ऐसा क्यों है यह जानने का एक ईमानदार प्रयास करते हैं :- ------------------------ आज ज्योतिषियों को अपने पास आये जातक (समस्याग्रस्त व्यक्ति जो ज्योतिषी के पास परामर्श के लिए आता है ज्योतिष में उसको जातक कहते हैं) को ज्योतिषीय समाधान देना बहुत मुश्किल काम हो गया है । क्योंकि जातक किसी भी विधि से तत्काल अपनी समस्याओं का समाधान चाहता है । सामान्यतः प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अधकचरे ज्ञान से लैस जातक (व्यक्ति) खुद ही पूजा-पाठ, हवन-यज्ञ, रत्नों का प्रयोग, जादू-टोना के लिए ज्योतिषी को आग्रह करता है । ------------------------ जीवन चक्र और काल चक्र को समझने में उसकी कोई रूचि नहीं होती है, सच्चाई और वस्तुस्थिति के बारे में वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होता है । जबकि उसका सारा ज़ोर किसी भी तरह मनोबांक्षित परिणाम पाने पर रहता है । परिणाम स्वरुप वह स्वयं अपना आर्थिक और मानसिक शोषण करवा लेता है । क्योंकि ज्योतिष के नाम पर चमत्कार करने वाले तथाकथित अधकचरे ज्ञान से लैस शातिर लोग उसकी इसी मानसिकता के कारण उसका जमकर शोषण करते हैं, और बदनामी का कलंक, ज्ञानी एवं अनुभवी ज्योतिषियों को भी उठाना पड़ता है । ------------------------ जातकों से मेरा अनुरोध है कि वे ज्योतिषी को एक जीवन एवं ज्योतिष परामर्शदाता या सलाहकार या पथप्रदर्शक के रूप में देखें ना की एक चमत्कारिक व्यक्ति के रूप में और उनको ईमानदारी से अपनी समस्याओं से अवगत कराएं (जबकि भारत में सामान्यतः जातक ऐसा करते ही नहीं हैं) जातक हमेशा याद रखें कि भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी भी मानव के जीवन में अधिकतम सुख 40% और न्यूनतम दुःख 60% निर्धारित है । लेकिन विडम्बना यह है कि लोग धन और भौतिक साधन एवं संसाधन को ही मात्र उसकी उपलब्धता और अनुपलब्धता के हिसाब से ही जीवन में सुख और दुःख का प्रतिशत तय कर लेते हैं । इसलिए समस्या का मुख्य कारण भी जातक की यही सोच है । ------------------------ सदैव स्मरण रहे कि भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी के भी जीवन की अधिकांशतः दिशा और दशा पूर्व निर्धारित है, लेकिन किसी को इसका ज्ञान नहीं होता है, इसलिए जीवन में कोई भी परिवर्तन केवल कर्म, वास्तु एवं मुहूर्त के माध्यम से ही संभव है । अंततः सभी जातकों को मेरा परामर्श है कि किसी ज्ञानी एवं अनुभवी ज्योतिषी से इन तीनों बिंदुओं पर परामर्श अवश्य प्राप्त करें । ------------------------ निष्कर्ष : जब तक हम ज्योतिष को नहीं जान लेते या जीवन को नहीं जान लेते या ज्योतिष को चमत्कार मानते रहेंगें तब तक ज्योतिष हमारे लिए एक समस्या के रूप में रहेगा लेकिन जब हम ज्योतिष को जान जायेंगें या जीवन को समझ जायेंगें तब हमें यह समाधान के रूप में लगने लगेगा, इसलिए समय रहते यदि ज्योतिष के माध्यम से स्वयं को जान लिया जाय तो शायद हम समस्या मुक्त जीवन जी सकते हैं...! ------------------------ आज समाज में आत्मविश्वास बढ़े और अन्धविश्वास भागे इसी के सन्दर्भ में मैनें यह लेख अपने अभी तक प्राप्त ज्योतिष ज्ञान, ज्योतिष शिक्षा, ज्योतिषीय अनुभव, सामाजिक अनुभव, एवं व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखा है, इसलिए उपरोक्त कथन से आप सहमत ही हों ऐसी कोई बाध्यता नहीं है अर्थात उपरोक्त पर सहमति या असहमति के लिए आप पूर्णतया स्वतंत्र हैं...! ------------------------ उपरोक्त के परिपेक्ष में और अधिक स्पष्टता के लिए यदि आप स्वयं ज्योतिष सीख लें तो अति उत्तम होगा अन्यथा आप किसी शिक्षित, ज्ञानी, अनुभवी एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से समय रहते परामर्श प्राप्त कर निश्चित रूप से अधिक लाभान्वित हो सकते हैं...! 🙏🌹🌹🙏 अग्रिम शुभकामनायें ...! सुभाष वर्मा ज्योतिषाचार्य कुंडली, नामशास्त्री, रंगशास्त्री, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, मुहूर्त --------------------------------- केवल ज्योतिष - चमत्कार नहीं आत्मविश्वास बढ़ाएं - अन्धविश्वास भगाएं www.facebook.com/astroshakti [email protected] www.astroshakti.in

Written & Posted By : Subhash Verma Astrologer
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